
Boodhi Kaki, By Munshi Premchand
by Munshi Premchand
₹117
₹195
40% offYou save ₹78 • Tax included
- Secure checkout
- Fast shipping (location dependent)
- Returns as per policy
About
आधुनिक हिंदी साहित्य के कालजयी कथाकार मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित 'बूढ़ी काकी' उनकी सबसे लोकप्रिय, मार्मिक और सर्वोत्कृष्ट लघु कहानियों में से एक है। प्रेमचंद की विशिष्ट यथार्थवादी, विश्लेषणात्मक और अत्यंत सरल व सुबोध शैली में लिखी गई यह कहानी वृद्ध जनों के प्रति सामाजिक और पारिवारिक उदासीनता का एक विस्तृत वैचारिक व मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रदान करती है। इसके अंतर्गत बुजुर्गों की भावनात्मक असुरक्षा, भौतिकवादी सोच के कारण बिखरते पारिवारिक नैतिक मूल्य, मानवीय स्वार्थ तथा अंततः पश्चाताप के माध्यम से हृदय परिवर्तन जैसे सभी मुख्य सामाजिक पहलुओं को गहराई से कवर किया गया है। सजीव पात्रों के चित्रण, तीखे सामाजिक संदेशों और गहरे भावनात्मक उतार-चढ़ाव से युक्त यह लघु पुस्तक हिंदी साहित्य के प्रेमियों, शोधकर्ताओं, स्कूली व कॉलेज के छात्रों और प्रेमचंद की कालजयी संवेदनशीलता को करीब से समझने के लिए एक अनिवार्य संसाधन है।
Product Overview
आधुनिक हिंदी साहित्य के कालजयी कथाकार मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित 'बूढ़ी काकी' उनकी सबसे लोकप्रिय, मार्मिक और सर्वोत्कृष्ट लघु कहानियों में से एक है। प्रेमचंद की विशिष्ट यथार्थवादी, विश्लेषणात्मक और अत्यंत सरल व सुबोध शैली में लिखी गई यह कहानी वृद्ध जनों के प्रति सामाजिक और पारिवारिक उदासीनता का एक विस्तृत वैचारिक व मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रदान करती है। इसके अंतर्गत बुजुर्गों की भावनात्मक असुरक्षा, भौतिकवादी सोच के कारण बिखरते पारिवारिक नैतिक मूल्य, मानवीय स्वार्थ तथा अंततः पश्चाताप के माध्यम से हृदय परिवर्तन जैसे सभी मुख्य सामाजिक पहलुओं को गहराई से कवर किया गया है। सजीव पात्रों के चित्रण, तीखे सामाजिक संदेशों और गहरे भावनात्मक उतार-चढ़ाव से युक्त यह लघु पुस्तक हिंदी साहित्य के प्रेमियों, शोधकर्ताओं, स्कूली व कॉलेज के छात्रों और प्रेमचंद की कालजयी संवेदनशीलता को करीब से समझने के लिए एक अनिवार्य संसाधन है।
Key Highlights
- Verified product & secure checkout
- Fast delivery (location dependent)
- Replacement/return as per policy
Total
₹117
Qty: 1 / 5
