Bhogolik Chintan Ka Itihas (Evolution of Geographical Thought) Hindi Edition by Hussain M
by Majid Hussain
₹350
₹370
10% offYou save ₹20 • Tax included
Easy Return Policy
3-day return window from delivery for unused items in original packing. Read more
Delivery Method
Shipped via Indian Post, Pan-India coverage, typically 4-6 business days. Shipping policy
Delivery Charge
₹50 per book quantity, added at checkout. Flat ₹29 total for Dhanbad addresses.
Same Day Delivery (Dhanbad only)
Customers in Dhanbad can opt in for same-day delivery at checkout.
Customer Support
Need help with your order? Contact us
About
भौगोलिक चिंतन का इतिहास (Bhogolik Chintan Ka Itihas – Evolution of Geographical Thought) – लेखक: माजिद हुसैन रावत पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित भूगोल विषय की एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक संदर्भ पुस्तक है। यह पुस्तक भूगोल के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा UPSC सिविल सेवा, राज्य PCS, UGC NET/JRF और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। इसमें भौगोलिक चिंतन के ऐतिहासिक विकास, प्रकृति, स्वरूप एवं विभिन्न विचारधाराओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में प्राचीन यूनानी एवं रोमन भूगोलवेत्ताओं, भारतीय एवं अरब विद्वानों, पुनर्जागरण काल के भौगोलिक योगदान तथा जर्मन, फ्रांसीसी, ब्रिटिश और अमेरिकी भौगोलिक विचारधाराओं का वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसमें नियतिवाद, संभाव्यवाद, नव-नियतिवाद, क्षेत्रीय भूगोल, व्यवस्थित भूगोल, मानव एवं पर्यावरण संबंध, मात्रात्मक क्रांति तथा आधुनिक भौगोलिक दृष्टिकोणों जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विश्लेषण किया गया है। यह पुस्तक भूगोल के सिद्धांतों, विचारधाराओं और विषय के क्रमिक विकास को समझने में सहायक है।
Product Overview
भौगोलिक चिंतन का इतिहास (Bhogolik Chintan Ka Itihas – Evolution of Geographical Thought) – लेखक: माजिद हुसैन रावत पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित भूगोल विषय की एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक संदर्भ पुस्तक है। यह पुस्तक भूगोल के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा UPSC सिविल सेवा, राज्य PCS, UGC NET/JRF और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। इसमें भौगोलिक चिंतन के ऐतिहासिक विकास, प्रकृति, स्वरूप एवं विभिन्न विचारधाराओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में प्राचीन यूनानी एवं रोमन भूगोलवेत्ताओं, भारतीय एवं अरब विद्वानों, पुनर्जागरण काल के भौगोलिक योगदान तथा जर्मन, फ्रांसीसी, ब्रिटिश और अमेरिकी भौगोलिक विचारधाराओं का वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसमें नियतिवाद, संभाव्यवाद, नव-नियतिवाद, क्षेत्रीय भूगोल, व्यवस्थित भूगोल, मानव एवं पर्यावरण संबंध, मात्रात्मक क्रांति तथा आधुनिक भौगोलिक दृष्टिकोणों जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विश्लेषण किया गया है। यह पुस्तक भूगोल के सिद्धांतों, विचारधाराओं और विषय के क्रमिक विकास को समझने में सहायक है।
Key Highlights
- Verified product & secure checkout
- Fast delivery (location dependent)
- Replacement/return as per policy
Total
₹350
Qty: 1 / 5

